ग्वालियर सीजेरियन डिलेवरी रेनू की न करते हुए नॉर्मल डिलेवरी की गई। जिसके कारण जच्चा बच्चा की मौत हो गई। जबकि एक दिन पहले मुरार प्रसूतिगृह के डॉक्टरों ने रेनू को अस्पताल में भर्ती होने तथा सीजेरियन डिलेवरी की सलाह दी गई थी। रेनू दूसरे दिन जांच रिपोर्ट के साथ मुरार प्रसूतिगृह में भर्ती होने पहुंची थी। भर्ती पर्चा भी बना पर रात
ग्वालियर।
सीजेरियन डिलेवरीरेनू की न करते हुए नॉर्मल डिलेवरी की गई। जिसके कारण जच्चा बच्चा की मौत हो गई। जबकि एक दिन पहले मुरार प्रसूतिगृह के डॉक्टरों ने रेनू को अस्पताल में भर्ती होने तथा सीजेरियन डिलेवरी की सलाह दी गई थी। रेनू दूसरे दिन जांच रिपोर्ट के साथ मुरार प्रसूतिगृह में भर्ती होने पहुंची थी। भर्ती पर्चा भी बना पर रात होने के कारण नॉर्मल डिलवेरी के चक्कर में उसे अस्पताल का स्टाफ घुमाता रहा और इसी तरह से रात काट दी। जब सुबह परिजनों ने उसकी डिलवेरी के लिए बोला तो स्टाफ में किसी से कहा सुनी हो गई और धमकी मिली कि तेरी डिलेवरी सबसे पीछे होगी। तभी एक महिला को डिलेवरी रुम के भीतर कर लिया गया। उसी समय रेनू के परिजनों को किसी ने देवकी नंदन अस्पताल ले जाने की सलाह दी।
डॉक्टर ने बाला था सीजेरियन डिलेवरी के लिए-
गर्भवती रेनू पत्नी विजय प्रजापति निवासी शिवनगर मुरार प्रसूतिगृह में जांच करवाने पहुंची थी। वहां पर मौजूद डॉ सालनी शर्मा ने उसकी जांच की जांच के बाद उन्होंने रेनू को भर्ती होने की सलाह दी तथा नॉर्मल न होने पर सीजेरियन डिलेवरी करवाने के लिए भी कहा। इसके साथ ही कुछ जांच करवाने के लिए भी कहा गया। तब रेनू अपनी ननद राधा के साथ वापस लौट गई और जांच करवाने के बाद दूसरे दिनशाम को भर्ती होनेके लिए प्रसूतिगृह पहुंची थी।
नॉर्मल डिलेवरी की गारंटी ली थी-
परिजन जब रेनू को लेकर देवकी नंदन अस्पताल पहुंचे तो वहां पर डॉक्टर ने उसकी जांच की थी। जिसमें पाया गया कि बच्चे दानी का मुंह खुल चुका है। जिसके बाद डॉक्टर ने परिजनों के सामने नॉर्मल डिलेवरी की गारंटी ले ली। हालांकि परिजनों ने बहू की कमजोरी का हवाला देते हुए सीजेरियन डिलेवरी के लिए भी कहा पर डॉक्टरों की समझाइस पर वह नॉर्मल के लिए तैयार हो गए।
सीजेरियन डिलेवरी के लिए बोला था-
शारीरिक रुप से कमजोर थी इसलिए उससे कहा था कि डिलेवरी समय निकल चुका है।इसलिए भर्ती हो जाओ और नॉर्मल डिलेवरी न हो तो सीजेरियन करवालेना। फिर क्या हुआ मुझे नहीं पता वह मेरी ही ओपीडी में आई थी।
डॉ सालनी शर्मा, मुरार प्रसूतिगृह
स्टाफ ने बोला था कि आखरी में करुंगी डिलेवरी-
रात भर टहलाते रहे जब सुबह अस्पताल के स्टाफ और डॉक्टर से डिलेवरी करने के लिए कहा तो उन्होंने जबाव दिया कि रात भर तुमने परेशान किया इसलिए लास्ट में होगी डिलेवरी जिसके बाद देवकी नंदन चले गए।
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