ग्वालियर।
जिला उपभोक्ता फोरम ने परिवादी के घर टीवी नहीं पहुंचाने के मामले को सेवा में कमी माना है। कोरियर कंपनी को आदेश दिया है कि परिवाद को 35 हजार रुपए और 7 प्रतिशत ब्याज अदा करे। साथ में केस खर्च के 2 हजार रुपए अलग से दे। परिवादी ने विशाखापट्टनम से ग्वालियर के लिए एलईडी टीवी बुक की थी।
ब्लू डार्ट एक्सप्रेस लिमिटेड (कोरियर कंपनी) के यहां 1 अक्टूबर 2017 को एक टीवी पार्सल बुक किया गया था। यह पार्सल विशाखापट्टनम से ग्वालियर आनंद नगर नवीन वास के घर पहुंचाना था। कंपनी ने भरोसा दिया कि 11 दिन में टीवी ग्वालियर पहुंच जाएगी, लेकिन 11 दिन में टीवी ग्वालियर नहीं पहुंची। इसके बाद कोरियर कंपनी के ऑफिस में संपर्क किया। ऑफिस से जवाब दिया गया कि पार्सल दूसरी जगह पहुंच गया, वहां से पार्सल को मंगाया गया है। टीवी के लिए इंतजार करना होगा। लंबे इंतजार के बाद भी टीवी उनको सुपुर्द नहीं की गई। इसको लेकर उन्होंने फोरम में परिवाद दायर किया। तर्क दिया कि टीवी 80 हजार रुपए की थी, लेकिन कोरियर कंपनी ने जानबूझकर कम कीमत लिखवाई थी। फिर उसे गायब कर दिया। यह अमानत में खयानत का मामला है। कंपनी ने बचाव में तर्क दिया कि परिवादी को वाद पेश करने का हक नहीं है, क्योंकि उसके नाम टीवी का कोई दस्तावेज नहीं है। माल बुक करते समय कोरियर कंपनी की जिम्मेदारी 5 हजार रुपए तक के नुकसान की भरपाई की होती है। फोरम ने दोनों का पक्ष सुनने के बाद तय किया कि कोरियर कंपनी की सेवा में कमी है। परिवादी की टीवी घर तक नहीं पहुंचाई। कोरियर कंपनी परिवाद दायर करने की तारीख से 7 फीसदी ब्याज के साथ 35 हजार रुपए परिवादी को अदा करे।
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