ग्वालियर-
रेलवे में टीटी की नौकरी दिलाने के नाम पर बेराजगार युवकों से ठगी करने वाली गैंग का क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश कर दिया। गिरोह के एक सदस्य को मुंबई से गिरफ्तार भी किया है। गिरोह का नेटवर्क सिर्फ मध्यप्रदेश में ही नहीं बल्कि देशभर में फैला हुआ है। गिरोह टीटी की नौकरी के लिए हर व्यक्ति से 12 लाख रुपए लेता। बकायदा उसका इंटरव्यू लेकर अपोइंटमेंट लेकर देते फिर उसे ट्रेनिग भी दिलाई जाती थी। ग्वालियर का एक युवक भी इस गिरोह का शिकार हो गया। उसने शिकायत की तो इस गिरोह का पर्दाफाश हुआ। पुलिस के मुताबिक गजेन्द्र सिंह चौहान ने शिकायत की थी कि रेलवे में टीटी की नौकरी दिलाने के नाम पर उससे १२ लाख रुपए ठग लिए गए है। उसका इंटरव्यू भी कराया गया। इसके बाद उसे टे्रेनिग भी दिलाई गई। लेकिन आज तक नौकरी नहीं मिली। इसके बाद एसपी ने क्राइम ब्रांच को गैंग पकडऩ ेका जिम्मा सौपा। गजेन्द्र से गिरोह के बारे में जानकारी लेने केबाद पुलिस ने मुंबई जिला ठाणे पुलिस टीम को भेजा। वहां से गिरोह के तुफैल अहमद पुत्र जान मोहम्मद को गिरफ्तार कर ग्वालियर लेकर आए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि कोल्हापुर सतारा का नितिन पाटिल गिरोह का सरगना है। इसके अलावा सुल्तान सुलेमान शेख निवासी ठाणे महाराष्ट्र, सहित अन्य कई लोग शामिल है।
ठगों के बंटे हुए है काम
गिरोह के सभी सदस्यों की अलग-अलग जिम्मेदारी है। कोई बेरोजगार युवकों को ढूंढता है किसी का काम इंटरव्यू और ट्रेनिग कराना तो किसी का दस्तावेज तैयार कराना है। सरगना नितिन के दिशा निर्देश पर ठगी के काम को अंजाम दिया जाता है। सुल्तान सुलेमान रेलवे भर्ती संबधी दस्तावेज तैयार करता है।
26 लोगों की लिस्ट
पकड़े गए आरोपी के पास से 26 लोगों की लिस्ट मिली है। इनमें से कुछ मध्यप्रदेश, केरल, कर्नाटक सहित अन्य कई राज्यों के युवकों के नाम है। पुलिस का मानना है कि गिरोह द्वारा इन लोगों से भी रकम ठगी गई है। इसके अलावा गिरोह से रेलवे के अधिकारियों के रबर स्टांप भी मिले है।
इनका कहना है
रेलवे में नौकरी दिलाने वाली गैंग के एक सदस्य को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से कुछ दस्तावेज भी मिले है। बाकी सदस्यों के नाम भी पता चले है। उनकी तलाश की जा रही है।
दामोदर गुप्ता, टीआई क्राइम ब्रांच थाना
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