ग्वालियर
उदयपुर-खजुराहो इंटरसिटी से अरविंद मौर्य निवासी रामगढ़ डबरा, पत्नी के साथ जा रहे थे। ट्रेन में चढ़ने के दौरान महिला गैंग ने धक्का दिया और बैग की चेन खोलकर जेवर रखे डिब्बे को निकाल लिया। डिब्बे में ढाई तोला का सोने का हार व 500 ग्राम की चांदी की करधोनी रखी थी। इसी दौरान अरविंद की प|ी को आशंका हुई तो उन्होंने एस-1 कोच में ही बैग देखा तो ज्वैलरी गायब मिली। इसके बाद उन्होंने देखा तो चोरी करने वाली महिलाएं वहां से गायब हो गईं। इस दौरान अरविंद जीआरपी थाना ग्वालियर पहुंचे। जीआरपी ने डबरा जीाआरपी व आरपीएफ को सूचित किया। डबरा में जीआरपी ने सर्च अभियान चलाया तो प्लेटफार्म में बैठे हुई आरोपी चार महिलाओं को चोरी की गई ज्वैलरी सहित पकड़ लिया। आरोपी महिलाओं को उदयपुर-खजुराहो इंटरसिटी से अरविंद मौर्य निवासी रामगढ़ डबरा, प|ी के साथ जा रहे थे। ट्रेन में चढ़ने के दौरान महिला गैंग ने धक्का दिया और बैग की चेन खोलकर जेवर रखे डिब्बे को निकाल लिया। डिब्बे में ढाई तोला का सोने का हार व 500 ग्राम की चांदी की करधोनी रखी थी। इसी दौरान अरविंद की प|ी को आशंका हुई तो उन्होंने एस-1 कोच में ही बैग देखा तो ज्वैलरी गायब मिली। इसके बाद उन्होंने देखा तो चोरी करने वाली महिलाएं वहां से गायब हो गईं। इस दौरान अरविंद जीआरपी थाना ग्वालियर पहुंचे। जीआरपी ने डबरा जीाआरपी व आरपीएफ को सूचित किया। डबरा में जीआरपी ने सर्च अभियान चलाया तो प्लेटफार्म में बैठे हुई आरोपी चार महिलाओं को चोरी की गई ज्वैलरी सहित पकड़ लिया। आरोपी महिलाओं को ग्वालियर लाया गया। पूछताछ में महिलाओं ने बताया कि वह ट्रेन में भीड़भाड़ में शिकार को धक्का देखकर आगे झुका देती, फिर बैग से सामान चुरा लेती थीं। गैंग ने पुरानी चोरियों का भी सुराग दिया है। इससे 6 माह में हुईं 11 वारदातों में 2.50 करोड़ रुपए का सामान चोरी होने के मामलों का खुलासा सकता है।

जीआरपी को देखकर घबराईं तब हुआ शक
जीआरपी डबरा इंचार्ज सुल्तान सिंह ने बताया कि कुछ महिलाएं प्लेटफार्म नंबर-1 डबरा स्टेशन पर पुल के नीचे दिखीं। इनसे पूछताछ की तो वे घबराहट में जवाब नहीं दे सकीं। रक्षा समिति में शामिल पार्वती देवी ने महिलाओं की तलाशी ली तो पटेल नगर दिल्ली निवासी नंदनी (28) के पास सोने का 2.5 ग्राम वजनी हार, फरीदपुर निवासी अनीता मराठी (30) के पास 500 ग्राम की चांदी करधोनी मिली। जबकि ललिता गोंड (30) शाहगंज, आगरा और यमुना ब्रिज के पास आगरा निवासी प्रीति को चोरी किए गए दस्तावेज सहित पकड़ लिया। रविवार को शाम को इन्हें कोर्ट में पेश कर जीआरपी ने रिमांड मांगी लेकिन रिमांड नहीं मिल सकी है।
लाया गया। पूछताछ में महिलाओं ने बताया कि वह ट्रेन में भीड़भाड़ में शिकार को धक्का देखकर आगे झुका देती, फिर बैग से सामान चुरा लेती थीं। गैंग ने पुरानी चोरियों का भी सुराग दिया है। इससे 6 माह में हुईं 11 वारदातों में 2.50 करोड़ रुपए का सामान चोरी होने के मामलों का खुलासा सकता है।
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