ग्वालियर-
सरकारी अस्पताल से मरीज मुरार प्रसूतिगृह के सामने स्थित देवकी नंदन अस्पताल ढोए जा रहे हैं। निजी एंबुलेंस इस कार्य में लगी हुई हैं। केआरएच से एक महिला डिलेवरी के लिए पहुंची और एक मरीज को मुरैना सरकारी अस्पताल से एंबुलेंस छोड़कर गई है। यह शिकायत रविवार की दोपहर कलेक्टर अनुराग चौधरी को मिली। कलेक्टर के निर्देश पर डिप्टी कलेक्टर युनूस कुरैशी, हेल्थ टीम में शामिल नर्सिंगहोम के नोडल अधिकारी डॉ. सचिन श्रीवास्तव, 108 के नोडल अधिकारी आईपी निवारिया के साथ देवकी नंदन अस्पताल में जांच करने पहुंचे। अस्पताल में मिलीं खामियों को लेकर नोटिस जारी किया गया।
आईसीयू में तैनात था अनट्रेंड स्टाफ
जांच करने पहुंची टीम को अस्पताल में पांच मरीज भर्ती मिले। लेकिन इन पांच मरीजों में कोई प्रसूता नहीं थी। जो मरीज मुरैना से आकर भर्ती हुआ था उसका कहना था कि वह अपनी मर्जी से अस्पताल में इलाज कराने आया है। जब टीम ने अस्पताल की जांच की तो ड्यूटी पर डॉ. बीएम दिनकर थे, आईसीयू में बीएससी नर्सिंग व बीएएमएस का छात्र ड्यूटी करते मिले। जबकि दो स्टूडेंट शीतल कटारे और सीमा चौकसे वार्ड में ड्यूटी दे रहे थे। आईसीयू में भर्ती मिले मुरैना से आए पूरन सिंह से पूछताछ की गई तो उन्होंने अपनी स्वेच्छा से भर्ती होना बताया। अस्पताल प्रबंधन ओपीडी रजिस्टर व मरीजों के आने-जाने का रजिस्टर उपलब्ध नहीं करवा सका। इसके साथ ही मेडिकल वेस्ट के प्रबंधन की व्यवस्था नहीं मिली।
loading...
बढ़ता कारवाँ | समाजवाद की ओर बढ़ते कदम… India's #1 Leading News Portal