ग्वालियर
बिजली कंपनी में अधिकारियों की मनमानी चरम पर पहुंच चुकी है। इसमनमानी का आलम यह है कि एक कनिष्ठ यंत्री ने अपनी नई पदस्थापना जगहज्वाइन नहीं किया तो दूसरे सहायक यंत्री ने अपनी जगह आने वाले दूसरे अधिकारीको चार्ज ही नहीं सौपा है। कुल मिलाकर बिजली कंपनी में अव्यवस्था चरम परपहुंच चुकी है तथा नियम व कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है।
बिजली कंपनी में स्थानान्तरणों का दौर अभी थमा नहीं है तथा थोक मेंस्थानान्तरण किए व निरस्त किए जा रहे हैं। यह बात अलग है कि इन स्थानान्तरणोंके पीछे पांच वर्ष एक ही जगह जमे अधिकारियों को हटाने का हवाला दिया जा रहाहै लेकिन जो कंपनी प्रबंधन स्थानान्तरण कर रहा है वही उन्हीं अधिकारियों कास्थानान्तरण स्थगित भी कर रहा है जिससे कंपनी प्रबंधन का मखौल बन गया है।इसी मखौल का परिणाम है कि कंपनी के अधिकारी जो अपने स्थानान्तरण से खुशनहीं है वह कंपनी प्रबंधन को खुली चुनौती देते हुए न तो नई जगह ज्वाइन कर रहेहैं और न ही अपनी जगह आने वाले अधिकारियों को चार्ज दे रहे हैं।
पहला उदाहरण
दतिया जिले में पदस्थ कनिष्ठ यंत्री संदीप अग्रवाल का स्थानान्तरण एक माहपूर्व दतिया से डबरा कर दिया गया था लेकिन वह अपने स्थानान्तरण से इतने नाखुशहुए कि उन्होंने डबरा में ज्वाइन ही नहीं किया तथा आज भी वह दतिया में उसपुराने जगह काम कर रहे हैं। अहम बात यह है कि उनकी सेवा पुस्तिका भी दतियासे ग्वालियर ओएण्डएम कार्यालय भेजी जा चुकी है लेकिन उनकी बायोमेट्रिकअटेण्डेंस आज भी दतिया में लग रही है जो कंपनी प्रबंधन के लिए सवाल खड़ा कर
रही है।
दूसरा उदाहरण
दतिया में ही दूसरा उदाहरण दतिया के एसटीसी विभाग में पदस्थ रहेसहायक यंत्री सत्यम सिंह का है। उनका स्थानान्तरण 19 सितंबर को
दतिया से ग्वालियर स्थित चावड़ी विद्युत जोन पर कर दिया गया।सहायक यंत्री सत्यम सिंह अचानक गायब हो गए तथा उन्होंने अपनी
जगह स्थानान्तरित होकर आए कनिष्ठ यंत्री मुकेश कुमार बंसल जिन्हेंसहायक यंत्री का अतिरित प्रभार दिया गया था उन्हें चार्ज ही नहीं
दिया जिससे वह चार्ज लेने के लिए चकर लगाते नजर आ रहे हैं।
कुल मिलाकर कंपनी प्रबंधन में मनमाना राज कायम है जिसको कंपनीके वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दरकिनार किया जा रहा है।
वरिष्ठ अधिकारियों की मिलीभगतइस मामले में कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों की मिलीभगत बताई जा
रही है योंकि उनकी सहमति के बिना निचले स्तर के अधिकारीकंपनी नियमों की इस तरह धज्जियां नहीं उड़ा सकते हैं। उनके आदेश
पत्र में स्पष्ट लिखा होता है कि जिस समय आदेश जारी किया जाता हैउसी समय उनको पद छोड़ देना चाहिए।
नहीं उठाया फोन
इस संबंध में जब कंपनी के मुय महाप्रबंधक जीके भरदया से उनकेमोबाइल नंबर-9406902532 पर बात करना चाही तो उन्होंने फोन
ही रिसीव नहीं किया।
बढ़ता कारवाँ | समाजवाद की ओर बढ़ते कदम… India's #1 Leading News Portal