ग्वालियर-
श्योपुर कराहल के पीपल बावड़ी में दो दिन पहले तीन साल की अतिकुपोषित पारो आदिवासी की मौत के बाद भी विभाग लापरवाह बना हुआ है। अभी पालपुर गांव में तीन साल का अतिकुपोषित मोहित आदिवासी जिंदगी और मौत सेजूझ रहा है।
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file photo जब महिला बाल विकास विभाग ने उसे पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती नहीं कराया है। जबकि एकता परिषद और चौरासी पंचायत के अध्यक्ष ने दो दिन पहले इसकी जानकारी महिला बाल विकास विभाग के डीपीओ ओपी पांडे को दी थी। एकता परिषद ने उसे भर्ती कराया।
चौरासी पंचायत के अध्यक्ष टुंडाराम आदिवासी ने बताया कि पीपल बावड़ी गांव में 3 साल की बालिका की मौत हुई है। इसकी जानकारी भी विभाग को है, लेकिन वह काम नहीं करना चाहते। हमने एकता परिषद के माध्यम से गंभीर अतिकुपोषित को एनआरसी में भर्ती कराया। इसकी सूचना दो दिन पहले विभाग को दी, पर इस पर भी विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की।
किस बालिका की मौत हुई है, इसके बारे में मुझे कुछ पता नहीं है। हां, एक गंभीर बालक के साथ एकता परिषद की मदद से तीन अति कुपोषितों को भर्ती कराया गया है।
ओपी पांडे, डीपीओ, महिला एवं बाल विकास विभाग
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