ग्वालियर,
रोहित सेठी इंदौर के शातिर बदमाश को पेशी पर देहरादून ले जाकर मसूरी के एक होटल में उसकी गर्लफ्रेंड के साथ एक ही रूम रुकवाने के आरोप में हवलदार समेत पांच आरक्षकों को एसपी ने निलंबित कर दिया। वहीं इस पूरे मामले को दबाने पर आरआई देवेंद्र सिंह जाट को भी निलंबित कर दिया है।
एसपी नवनीत भसीन ने यह कार्रवाई डीएसपी लाइन की जांच के बाद की है।
आरआई ने हार्डकोड क्रिमिनिल रोहित सेठी
rohitsethi
rohitsethiको मुंबई की गर्लफ्रेंड के साथ एक ही कमरे रुकवाने की जानकारी होने के बाद भी हवलदार त्रयंबक राव की अगुवाई में दूसरी बार उसे पेशी पर भेजा था। उल्लेखनीय है कि इंदौर के बहुचर्चित संदीप अग्रवाल हत्याकांड में शातिर बदमाश रोहित सेठी को पकड़ा गया था। इसकी आपराधिक गतिविधियों व सुरक्षा की दृष्टि से अंतरराज्यीय बदमाश को ग्वालियर की सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया था। कोर्ट के आदेश पर रोहित सेठी को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच देहरादून पेशी पर भेजा जाता है।
8 जुलाई को दोबारा देहरादून पेशी पर लेकर गए थे रोहित सेठी
इंदौर के बहुचर्चित संदीप अग्रवाल हत्याकांड में रोहित सेठी ग्वालियर की जेल में बंद है
सेठी को होटल में पुलिस का बड़ा अधिकारी बताकर रुकवाया था
कोर्ट के आदेश पर पुलिस लाइन में पदस्थ प्रधान आरक्षक त्रयंबक राव के नेतृत्व में आरक्षक जितेंद्र, अनिल, संजय व अमित को रोहित सेठी को देहरादून पेशी पर भेजा गया था। पुलिसकर्मियों ने रोहित सेठी को देहरादून में पेशी कर वापस सेंट्रल जेल को सौंप दिया। दूसरी बार 8 जुलाई को भी रोहित सेठी को पेशी पर ले जाने का दायित्व आरआई ने त्रयंबकराव को सौंपा था।
हीरे की रिंग की अंगूठी होटल के राज से गुम होने पर राज खुला
पेशी से लौटने के 20 दिन बाद इंदौर मीडिया में खुलासा हुआ कि रोहित सेठी ने अपनी मुंबई की गर्लफेंड के साथ मसूरी स्थित होटल चिमनी हाउस के कमरा नंबर 3 में रुका था। गर्लफ्रेंड की हीरे की अंगूठी में बाथरूम में गुम होने पर इन लोगों ने हंगामा कर दिया। होटल के स्टाफ के साथ मारपीट भी की। देहरादून पुलिस ने फर्जी पुलिस के संदेह में पकड़ा था। देहरादून के एसआई महावीर सिंह ने रोहित सेठी को पेशी पर लेकर गए जवानों के पुलिस लाइन में पदस्थ होने की पुष्टि करने के बाद पूरे घटनाक्रम से आरआई को अवगत कराया था। लेकिन आरआई इस जानकारी को वरिष्ठ अधिकारियों को बताने की बजाए दबा गए। यह मामला सामने आने पर एसपी ने डीएसपी लाइन को जांच सौंपी। जांच में रोहित सेठी को पेशी पर ले जाने वाले जवानों को मोबाइल लोकेशन निकाली गई। इसके साथ ही आरआई के मोबाइल की सीडीआर भी निकाली गई। इसके बाद जवानों के बयान लिए गए।
जांच में सनसनीखेज खुलासा हुआ-
– प्रधान आरक्षक त्रयंबक राव के साथ लाइन में छह सिपाहियों की रवानगी पड़ी थी। लेकिन केवल पांच सिपाही ही रोहित सेठी को देहरादून लेकर गए थे। सात सदस्यीय टीम की पुलिस लाइन में रवानगी व आमद हुई , लेकिन एक सिपाही देहरादून तक गया ही नहीं।
– मोबाइल लोकेशन से खुलासा हुआ कि पेशी पर रोहित सेठी को ट्रेन से ले जाने की बजाए प्राइवेट गाड़ी से लेकर गए थे। यह लोग ऋषिकेश में भी रुके थे।
– देहरादून पेशी करने के बाद यह लोग मसूरी पहुंचे। होटल चिमनी हाउस में इन लोगों ने शातिर बदमाश का पुलिस का बड़ा अधिकारी बताया। होटल के स्टाफ ने इसलिए भरोसा कर लिया कि रोहत के साथ जवान वर्दी में थे। और इनके पास सरकारी हथियार भी थे। इसी होटल में पहले भी रुक चुके थे।
आरआई ने अधिकारियों को नहीं दी जानकारी
आरआई देवेंद्र सिंह पर पूरी जांच में बड़ा सवाल यह है कि उन्होंने पूरी घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को क्यों नहीं दी? और फिर दूसरी बार भी हवलदार त्रयंबक राव को रोहित सेठी को पेशी पर लेकर क्यों भेजा? इन्हीं 2 सवालों का जवाब नहीं मिलने पर निलंबित किया गया।
निलंबित हवलदार की मौजूदगी में हुई थी हमराह सिपाही की हत्या
गश्त के ताजिया पर त्रयंबक राव के साथ सिपाही की गश्त के ताजिया पर बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसमें त्रयंबक राव की जांच हुई थी।
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