ग्वालियर -श्योपुर मेंसाढ़े तीन साल पहले जिला अस्पताल में नेत्र ऑपरेशन के बाद मरीजों की आंखों की रोशनी जाने के मामले की जांच के लिए बुधवार को राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की टीम आई। टीम ने स्वास्थ्य विभाग के अफसर, तत्कालीन डॉक्टर-स्टाफ और आंखों की रोशनी जाने की शिकायत करने वाले छह मरीजों के बयान लिए। इन मरीजों ने टीम को बयान देने के बाद बताया कि ऑपरेशन के बाद से हमें कुछ नहीं दिख रहा है। आयोग की टीम को भी हमने यही बताया है। इधर, टीम गुरुवार काे भी मरीजाें के बयान लेगी।
मालूम हो कि आंखों की रोशनी जाने का मामला उछलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिवपुरी के डॉक्टराें की टीम से जांच कराई थी। उस टीम ने शिकायत करने वाले मरीजों की आंखों की रोशनी की ओके रिपोर्ट दी थी। 26-27 नवंबर 2015 को जिला अंधत्व निवारण के तहत मोतियाबिंद नेत्र ऑपरेशन शिविर लगाया गया था। इसमें 66 मरीजों की आंखों के ऑपरेशन किए गए। 17 मरीजों ने ऑपरेशन के बाद आंखों से दिखाई न देने की बात कही। मामले के तूल पकड़ने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिवपुरी के डॉक्टरों से जांच कराई। टीम ने श्योपुर में ही इन मरीजों की जांच की और आंखों की रोशनी ठीक बताई। इस जांच के बाद भी 17 में से 9 मरीजों ने कहा था कि जांच के बाद भी उन्हें दिखाई नहीं दे रहा। इन 9 मरीजों की जांच ग्वालियर में कराई गई, जहां इनकी आंखों की रोशनी ठीक बताई गई।
तब से ही जिला अस्पताल में बंद हैं आंखों के ऑपरेशन
मुझे बायीं आंख से कुछ भी नहीं दिखता : शंकरपुर गांव निवासी काड़ी बाई (72) पत्नी गंगाधर मीणा बयान देने पहुंची। बयान देने के बाद उन्होंने भास्कर को बताया कि कैंप में ऑपरेशन के बाद से उन्हें बायीं आंख से दिखाई नहीं देता है। काड़ी बाई के बेटे शंकर मीणा ने बताया कि टीम के बयान के बाद मौके पर मौजूद डॉक्टरों ने कहा कि उन्हें आंखों की जांच कर चश्मा देंगे और दूसरी आंख का ऑपरेशन 27 अगस्त को लगने वाले शिविर में करा देंगे।
ऑपरेशन के बाद दायीं आंख से नहीं दिख रहा : श्योपुर के काचरमूली निवासी मथुरा (80) पुत्र माधौ बैरवा ने आयोग को बयान देने के बाद बताया कि उसकी दायीं आंख का ऑपरेशन हुआ था लेकिन तभी से उस आंख से दिखाई नहीं देता। आयोग की टीम ने उनके भी बयान लिए। बयान होने के बाद मथुरा के बेटे माधौ ने बताया कि आयोग की टीम के सामने डॉक्टरों ने उसे तीन दिन बाद आकर पुन: जांच कराने व चश्मा बनवाकर ले जाने के लिए कहा है।
ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर बोले- सभी की आंखें ठीक, आयोग ने कहा- हम जांच करेंगे : ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर एसएन भदौरिया ने कहा कि उस समय भी सभी मरीजों की आंखों की रोशनी ठीक थी, इसके लिए दो बार जांचें की गई की थी। लेकिन पता नहीं क्यों यह लोग फिर से उसी बात को दोहरा रहे है। हमने अपने बयान टीम को दे दिए है। उधर, राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग दिल्ली के डीएसपी, राजवीर सिंह बोले- इस मामले में विभागीय स्तर से दो बार जांच हो चुकी है, लेकिन हमें उक्त रिपोर्ट के इतर जांच करनी है। हम मरीजों व उन अधिकारियों के बयान ले रहे हैं, जो उस समय नेत्र ऑपरेशन में शामिल रहे हैं।

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