ग्वालियर-कोचिंग सेंटरों पर सुरक्षा संबंधी इंतजाम करने के लिए प्रशासन ने संचालकों को 15 दिन का समय दे दिया है। इस दौरान सभी कोचिंग संचालकों को अपने सेंटरों पर 13 नियमों का पालन करना होगा। जहां ऐसा नहीं हुआ, उन सेंटरों पर प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जाएगी।
कोचिंग संचालक कलेक्टोरेट पहुंचे और मप्र के कैबिनेट मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर व कलेक्टर अनुराग चौधरी से चर्चा की। संचालकों ने कहा कि हम कमियां दूर कर व्यवस्थाएं बनाने के लिए तैयार हैं। लेकिन हमें कुछ समय चाहिए। सीधी कार्रवाई से न सिर्फ हमारी छवि बिगड़ रही है बल्कि स्टूडेंट्स की पढ़ाई का भी नुकसान हो रहा है। कलेक्टर श्री चौधरी ने स्मार्ट सिटी सीईओ महीप तेजस्वी और जिला शिक्षाधिकारी संजीव शर्मा को कोचिंग संचालकों के साथ कोआर्डिनेशन की जिम्मेदारी दी है।
तय किया गया कि सोमवार तक सभी कोचिंग संचालकों के नाम व नंबर की जानकारी श्री शर्मा को दे दी जाए। ताकि, वे उनका वाट्सएप ग्रुप बनाकर सभी को नियमों के पालन की प्रक्रिया बता सकें और निरीक्षण की जानकारी दें। कोचिंग संचालक खुद अधिकारियों को व्यवस्थाओं का निरीक्षण कराएंगे। गौरतलब है कि सूरत में अग्निकांड के बाद 24 कोचिंग सेंटर सील किए गए हैं।
3 मंजिला भवनों में भी देखे जाएंगे बंदोबस्त
कोचिंग की तरह ऐसे व्यावसायिक, कंपनी के दफ्तर व हॉस्टल की जांच भी की जाएगी, जो तीन मंजिला हैं। जांच का जिम्मा एसडीएम के नेतृत्व वाली उन्हीं चार टीमों का होगा, जो कोचिंग सेंटरों की जांच कर रहे हैं। यह अभियान 7 जून से चलेगा। कलेक्टर अनुराग चौधरी ने कहा है कि जांच में यह देखा जाएगा कि संबंधित भवन में निर्माण की मंजूरी, फायर एनओसी, पार्किंग प्लान, मानव सुरक्षा के बंदोबस्त हैं या नहीं? जहां भी कमियां मिलेंगी, उन संस्थानों के संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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