ग्वालियर –
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी केप्रबंध निदेशक डॉ. संजय गोयल 2 जूनको विदेश जा रहे हैं। वह वहां एक वर्षके लिए कोर्स करने जा रहे हैं। उनकेजाने के बाद कंपनी में नए अधिकारीकी नियुित की जाएगी।

इस बात कीचिंता कंपनी के मौजूदा चालू प्रभारवाले अधिकारयों को है। उनको डर हैकि नए प्रबंध निदेशक के साथ अगरउनकी ट्यूनिंग नहीं बैठी तो कहीं उनका
चालू प्रभार नहीं चला जाए।बिजली कंपनी के प्रबंध निदेशक डॉ.संजय गोयल वाशिंगटन डीसी जा रहे हैं।वह वहां एक वर्ष का कोर्स करने जा रहेहैं। उनके जाने के बाद बिजली कंपनी मेंनए प्रबंध निदेशक की नियुित कियाजाना शर्तिया बताया जा रहा है। हाल हीमें बिजली कंपनी में थोकबंद तबादलेकिए गए हैं जिनमें कई कनिष्ठअधिकारियों को वरिष्ठ अधिकारियों के
पद के चालू प्रभार से नवाजा गया है।हालांकि यह अधिकारी राजनैतिक एप्रोचसे आए बताए जाते हैं लेकिन उनको यहडर सता रहा है कि कहीं नए प्रबंधनिदेशक से ट्यूनिगं सही नहीं बैठी तोचालू प्रभार न हाथ से चला जाए।
सहायक यंत्री से बनेउपमहाप्रबंधक
प्रदेश में नई सरकार के आने के बादइन अधिकारियों की नियुित की गई है।यह अधिकारी राजनैतिक एप्रोच से आबताए जाते हैं लेकिन सीधे तौर पर उनपर मुहर कंपनी के प्रबंध निदेशक कीलगी है। कंपनी में चालू प्रभार देने काअधिकार केवल प्रबंध निदेशक को है
लिहाजा नए प्रबंध निदेशक को लेकरइन अधिकारियों की चिंता बढ़ गई बताई
जाती हैं।लूप लाइन वाले अधिकारी सक्रिय
विगत महीनों में बिजली कंपनी में जो उठापटक की गई है तथा इस उठा-पटक में जोअधिकारी लूप लाइन जैसे पदों पर पदस्थकिए गए हैं वह अब सक्रिय हो गए हैं। उनअधिकारियों को लगने लगा है कि शायद वह
अब नए प्रबंध निदेशक से तालमेल सही बिठासकेंगे जिससे वह भी लूप-लाइनसे निजातपा सकेंगे।
इनका कहना
हमारा तो जून माह में विदेश जाना तय है। वहांएक वर्ष तक रहना होगा। जहां तक नए प्रबंधनिदेशक की पदस्थ की सवाल है वह शासन केअधिकार की बात है।
डॉ. संजय गोयल, प्रबंध निदेशक, मक्षेविविकंपनी, भोपाल
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