ग्वालियर-
पूर्व कुलसचिव की खास भाजपा राज में लंबे समय से पदस्थ प्राचार्य वशिष्ठने
स्नातक प्रथम और द्वितीय वर्षकी परीक्षाओं के लिए जिनमहाविद्यालय कोजीवाजी विश्वविद्यालय ने परीक्षा केंद्रबनाया था वहां परीक्षा कराने कीबजाय निजी महाविद्यालय मेंकरा दी गई।
स्टूडेंट हुए परेशान पूर्व कुलसचिवजेयू , पूर्व मंत्री दतिया भाजपा विधायक की खास प्राचार्य ने पूर्व भाजपा मंत्री के दामाद के कॉलेज में कराई खुलकर नकल मनमाने तरीके से बदला सेंटर
यह सब शासकीयमहाविद्यालय के प्रबंधन नेसंचालकों से मिलीभगत करकेकिया, जिससे छात्रों को नकलकराई जा सके। जब मामलापकड़ में आया तो विवि ने आनन-फानन में आकरसंबंधित महाविद्यालयों से जवाब-तलब किया है।
जेयू ने बीए प्रथम, द्वितीय वर्ष की परीक्षाओं के लिएशासकीय वृंदासहाय महाविद्यालय डबरा को परीक्षा केंद्रबनाते हुए संत कंवरराम महाविद्यालय डबरा के भवनको अधिग्रहीत किया था और विवि ने निर्देशित किया था
कि क्षेत्र के पांच निजी महाविद्यालयों की परीक्षा संतकंवरराम महाविद्यालय में कराई जाए। महाविद्यालयप्रबंधन ने यह परीक्षा यहां पर कराने की बजाय गौतममहाविद्यालय डबरा में करा दी।
पहले प्रश्न पत्र में 350परीक्षार्थी शामिल हुए। शनिवार को बीए द्वितीय वर्ष हिंदीविषय की परीक्षा कराई गई, जिसमें 262 छात्रों नेपरीक्षा दी।
तर्क खोखले- संत कंवरराम कन्या कॉलेज में स्कूलों की परीछा चल रही, कैसे संभव हे कॉलेज में स्कुल की परीछा
विवि प्रशासन को यह सूचना मिली कि संतकंवरराम महाविद्यालय की बजाय गौतम महाविद्यालयमें परीक्षा कराई जा रही है। इस पर विवि के परीक्षानियंत्रक डॉ. आरकेएस सेंगर ने वंृदासहायमहाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. कृष्णा वशिष्ठसे जानकारी ली तोउन्होंने भी स्वीकार किया कि यह परीक्षा कराई जा रहीहैं। इस पर विवि प्रशासन ने संबंधित महाविद्यालय सेजवाब-तलब किया हैऔर यह जानकारी मांगी है किबिना परीक्षा केंद्र बनाए उक्त महाविद्यालय में परीक्षा क्यों कराई जा रही है।
सवाल -भाजपा राज में लंबे समय से पदस्थ मेडम कृष्णा वशिष्ठ क्या प्राचार्य लायक हैं कैसे इतने लंबे समय से किसकी कृपा से पदस्थ रही
पूर्व कुलसचिव जेयू , पूर्व मंत्री दतिया भाजपा विधायक की खास प्राचार्य ने पूर्व भाजपा मंत्री के दामाद के कॉलेज में कराई खुलकर नकल,
सूत्रों की मानें तो महाविद्यालयप्रबंधन ने संबंधित निजी महाविद्यालयों के संचालकों सेसेटिंग कर ली थी। इसलिए जानबूझकर निजीमहाविद्यालय में परीक्षा कराई गई, जिससे छात्रों कोनकल कराई जा सके। विवि प्रशासन इसकी भी जांच-पड़ताल करवा रहा है।
परीक्षा कराने की नहीं थी व्यवस्थाअनुमति के लिए भेजा था पत्र
तर्क खोखले- संत कंवरराम कन्या कॉलेज में स्कूलों की परीछा चल रही, कैसे संभव हे कॉलेज में स्कुल की परीछा
जेयू प्रशासन ने जब महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. कृष्णा
वशिष्ठसे जवाब-तलब किया तो उन्होंने तर्क दिया कि संतकंवरराम महाविद्यालय में 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाएं चलरहीं थी और इतनी जगह नहीं है कि विवि की परीक्षाएं यहांपर कराई जा सकें। इस संबंध में 12 फरवरी को विवि कोपत्र भी भेज दिया था। परीक्षा नियंत्रक ने जब पत्र दिखवाया
तो उसमें सिर्फ यह कहा गया कि हमारे यहां पर इतने छात्रोंकी परीक्षा कराने की व्यवस्था नहीं है।
अब सवाल यहउठता है कि महाविद्यालय ने विवि को पत्र तो भेज दिया,लेकिन नए केंद्र पर परीक्षा कराने की अनुमति यों नहीं ली
और किसी अधिकारी को इस संबंध में सूचना यों नहीं दी।इनकाकहनामामला मेरे संज्ञान में आया है। प्राचार्य से जानकारी जुटाई
जा रही है। मेरे द्वारा अनुमति नहीं दी गई।
डॉ.आरकेएस सेंगर, परीक्षा नियंत्रक जेयू
जेयू प्रशासन ने जब महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. कृष्णा
वशिष्ठसे जवाब-तलब किया तो उन्होंने तर्क दिया कि संतकंवरराम महाविद्यालय में 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाएं चलरहीं थी और इतनी जगह नहीं है कि विवि की परीक्षाएं यहांपर कराई जा सकें
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