Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home/sites/43a/e/ed29062570/public_html/wp-content/themes/jarida/functions/common-scripts.php on line 150

केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र तोमर बगावत के गड्ढों को देख घबराए, गए ‘तॅवरघार’,लियर से किनारा करलिया

 
ग्वालियर- बगावत के गड्ढों की गहराई देख आखिरकार केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने ग्वालियर से किनारा कर ही लिया। ग्वालियर में बन रहे मौजूदा हालात और श्री तोमर की मंशा को देख पार्टी ने लोकसभा चुनाव में उन्हें उनकी पसंदीदा जगह मुरैना (तॅवर घार) भेज दिया है।
खास बात यह है कि इस बार मुरैना में उनके लिए राह उतनी भी आसान नहीं है, जितनी कि, 2009 में हो गई थी। वहीं अब ग्वालियर का अखाड़ा शेष भाजपाई दिग्गजों के लिए खुल गया है। जो दावेदार अब तक डरे-डरे अंदाज में दावेदारी कर रहे थे,अब खुलकर अपनी बात करेंगे।
 
केन्द्रीय मंत्री होने के बावजूद अपनी सीट छोड़ने को मजबूर हुए नरेन्द्र सिंह तोमर ने सीट बदलने का निर्णय रातों-रात नहीं किया है। दरअसल विधानसभा चुनावों के दौरान कई ऐसे घटनाक्रम हो गए थे, जिनसे ग्वालियर भाजपा में गुटबाजी खुलकर सामने आ गईं थी। परिणाम आने के बाद तो हारे हुए प्रत्याशी उबल ही पड़े थे। ग्वालियर पूर्व सीट से हारे सतीश सिंह सिकरवार, ग्वालियर दक्षिण सीट से हारे नारायण सिंह कुशवाह और ग्वालियर सीट से हारे जयभान सिंह पवैया के मन में यह बात घर कर गई थी कि उनके साथ भितरघात हुआ है। पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया ने हार के बाद अपने निवास पर आयोजित आभार सभा में खुले तौर पर कह दिया था कि ‘ पार्टी में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग यदि अपनी मर्यादा का पालन करते, तो आज प्रदेश में सरकार भाजपा की होती ‘।
 
तैयारी ग्वालियर की भी नहीं छोड़ी थी
 
भले ही नरेन्द्र सिंह तोमर को पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए उनकी मंशा के अनुसार मुरैना का टिकट दे दिया हो, लेकिन ऐन वक्त तक उन्होंने ग्वालियर में अपने स्तर पर तैयारियों में कमी नहीं आने दी थी। अपने कार्यकाल में कराए गए 10000 करोड़ के कामों पर आधारित एक 68 पेज की पूरी पुस्तिका छपवाई थी। वार्ड स्तर पर इसका वितरण मौजूदा स्थिति में चल रहा था।
 
तॅवरघार ही क्यों चुना
 
मुरैना संसदीय सीट जिसे पहले तॅवरघार (तोमर बाहुल्य क्षेत्र) के नाम से जाना जाता था, वहां की दिमनी व अंबाह विधानसभा सीट पर बड़ी संख्या में तोमर मतदाता है। 2009 में जब नरेन्द्र सिंह तोमर ने लोकसभा चुनाव लड़ा तो वोटिंग लगभग एक-तरफा अंदाज में उनके समर्थन में हुई थी। सिकरवार बाहुल्य विधानसभा क्षेत्र सुमावली। त्यागी, कुशवाह, किरार अन्य क्षत्रिय समाज बाहुल्य क्षेत्र जौरा ने भी उनका खुलकर साथ दिया था। मुरैना की 8 में से इन्हीं चार विधानसभा सीटों की लीड के कारण वह सांसद बने थे। पिछले अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्होंने मुरैना सीट को चुना है।
 
इस बार राह कठिन क्यों?
 
2009 में पहली बार मुरैना सीट आरक्षण के दायरे से बाहर आई थी। ऐसे में नरेन्द्र सिंह तोमर के प्रत्याशी बनने से पूरा क्षत्रिय समाज एक जुट हो गया था। उसके बाद स्थितियां कुछ ऐसी बनी कि उन्होंने 2014 में ग्वालियर को चुन लिया। अब एक बार फिर वह मुरैना जा रहे है। इस बार उनका ‘जादू’ कितना चलेगा? कहना कठिन है। दूसरा यह भी क्षत्रिय समाज से ही पूर्व सांसद भिंड डॉ.रामलखन सिंह बसपा से उम्मीदवार है। ऐसे में क्षत्रिय वोट कहीं न कहीं बंटेगा।
 
ग्वालियर में खुली दौड़
 
नरेन्द्र सिंह तोमर के मुरैना सीट पर चले जाने के बाद ग्वालियर में टिकट के लिए होड़ अब कश्मकश भरी हो गई है। संभावितों की सूची में शिवपुरी विधायक यशोधरा राजे, महापौर विवेक नारायण शेजवलकर, प्रदेश महामंत्री वीडी शर्मा, अनूप मिश्रा,वेदप्रकाश शर्मा व सुकर्ण मिश्रा का नाम है।
 
भिंड-मुरैना दोनों में ग्वालियर
 
खास बात यह भी है कि भिंड से भाजपा प्रत्याशी बनाई गईं संध्या राय और मुरैना में भाजपा से प्रत्याशी बने नरेन्द्र सिंह तोमर मूल रूप से ग्वालियर के हैं। दोनों ही अब ग्वालियर से बाहर चुनावी अखाड़े में उतरे है। उधर भिंड से टिकट कटने के बावजूद मौजूदा सांसद भागीरथ प्रसाद ने कोई असंतोष नहीं जताया है। उन्होंने कहा है कि पार्टी ने 5 साल सेवा का मौका दिया,वे सदैव पार्टी के आभारी रहेंगे। दूसरी ओर मुरैना से टिकट कटने पर प्रतिक्रिया के लिए मौजूदा सांसद अनूप मिश्रा मोबाइल पर चर्चा के लिए उपलब्ध नहीं हुए।
loading...

Warning: Undefined array key "tie_hide_share" in /home/sites/43a/e/ed29062570/public_html/wp-content/themes/jarida/single.php on line 65

Warning: Trying to access array offset on value of type null in /home/sites/43a/e/ed29062570/public_html/wp-content/themes/jarida/single.php on line 65
x

Check Also

खेलों के माध्यम से युवाओं को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन का संदेश

राष्ट्रीय खेल दिवस पर साइकिल रैली एवं अंडर-17 मैत्री क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित बढ़ता कारवां (BK ...