ग्वालियर-
भिंडमें तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश ने पत्नी को जिंदा जलाकर मारने वाले पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पांच हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है। वहीं इसी मामले में परिवार के अन्य चार सदस्यों को साक्ष्यों के अभाव में दोष मुक्त किया है।
एडीपीओ इंद्रेश कुमार प्रधान ने बताया कि सात मई 2013 को मोनिका पत्नी योगेंद्र सिंह निवासी मेहरा थाना अमायन को जली हुई अवस्था में जिला अस्पताल लाया गया। जहां से उसे ग्वालियर रैफर किया गया। लेकिन रास्ते में मोनिका की मौत हो गई। जिला अस्पताल प्रशासन की सूचना पर अमायन पुलिस ने मर्ग कायम कर प्रकरण विवेचना में लिया। जांच में मृतिका के परिजन ने बताया कि उसके ससुर हनुमंत, सास भूरीबाई व उसके पति योगेंद्र सिंह चौहान उर्फ बंटी व अन्य ने मिट्टी का तेल डालकर उसे मार डाला है।
पुलिस ने उक्त आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर प्रकरण न्यायालय को भेजा। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई के पश्चात पति योगेंद्र सिंह चौहान को दोषी मानते हुए सोमवार को उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पांच हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है। वहीं इस मामले में भूरीबाई, हनुमंत सिंह, देवेंद्री और जीतू उर्फ जितेंद्र को साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त किया है।
छेड़छाड़ के आरोपी को एक साल का सश्रम कारावास
इधर षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश ने मंगलवार को छेड़छाड़ करने वाले एक युवक को एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दो हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। खास बात तो यह है कि इस मामले में पीड़िता ने न्यायालय में आरोपी युवक को पहचानने से इंकार कर दिया था। लेकिन न्यायालय ने पीड़िता द्वारा पहले पुलिस जांच और न्यायालय में दिए गए कथनों में आरोपी की स्पष्ट पहचान करने को साक्ष्य मानते हुए फैसला सुनाया है। डीपीओ प्रवीण दीक्षित ने बताया कि 22 मार्च 2018 को सुबह 11.30 बजे प्रायवेट बसस्टैंड के सामने गिर्राज शर्मा (24) पुत्र महावीर शर्मा निवासी गांधी नगर ने कक्षा नौ वीं की छात्रा के साथ छेड़छाड़ कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर प्रकरण न्यायालय को भेजा। न्यायालय ने मंगलवार को गिर्राज शर्मा को दोषी मानते हुए एक साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
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