ग्वालियर-श्योपुर-शिवपुरी हाईवे स्थित नोनपुरा घाटी पर बालाजी बस व मेटाडोर की भिड़ंत हो गई। इससे बस व मेटाडोर में सवार कुल छह लोग गंभीर घायल हो गए। इस घटना में मेटाडोर में फंसे ड्राइवर को लोगों ने करीब एक घंटे के मशक्कत के बाद सरिया ओर लकड़ी के सहारे मेटाडोर की बॉडी को उठाकर बाहर निकाला। हालांकि बताया जा रहा है कि ड्राइबर का पैर लगभग कटकर अलग हो चुका है। तीन घायलों को इलाज के लिए कोटा और तीन को श्योपुर रैफर किया गया है।
घटना में बस में सवार श्योपुर निवासी विजय (74) पुत्र हनुमंत, हर्षवर्धन (20) पुत्र मोहन, कराहल निवासी विवेक (26) पुत्र बालू आदिवासी गंभीर घायल हो गए हैं। जबकि श्योपुर के पांडोला गांव निवासी मेटाडोर ड्राइवर हरिओम पुत्र नेतराम, सेमल्दा निवासी राकेश (22) पुत्र शंकर, भीकम (28) पुत्र अर्जी भी गंभीर घायल हो गए हैं। बस और मेटाडोर के सभी घायलों का इलाज श्योपुर और कोटा के अस्पताल में चल रहा है।
खाई में गिरते-गिरते बची बस, टल गया बड़ा हादसा: दिनेश
मैं बस की केबिन में ही बैठा था। बस का ड्राइवर नोनपुरा घाटी आने पर भी रफ्तार कर नहीं कर रहा था। तभी अचानक से सामने मेटाडोर आ रही थी, जिसे देख बस के ड्राइवर ने अपना आपा खो दिया और बस लहरा गई। इससे बस की मेटाडोर में भिड़ंत हो गई। रोड के किनारे मिट्टी का टीला था और उसके बाद खाई। टीले के कारण बस खाई में पलटने बच गई और बस के पहिए थम गए और बड़ा हादसा टल गया। जब बस लहरा रही थी तब बस में सवार यात्री चीखने लगे थे। हादसा होने के बाद बस में सवार सभी यात्री बस से बाहर निकले और साथ ही आसपास के लोगों को मदद के लिए बुलाया। इस घटना में बस में सवार तीन यात्री घायल हो चुके थे। इसके बाद यात्रियों ने मेटाडोर में सवार लोगों को बाहर निकाला। मेटाडोर में सवार दो लोगों को तो बाहर निकाल लिया गया, लेकिन ड्राइवर का पैर स्टेयरिंग में फंस गया था। इसके के बाद सभी मेटाडोर की बॉडी को सरिया और लकड़ी के सहारे उचकाकर ड्राइवर को बाहर निकाला। इस घटना में ड्राइवर का पैर कटकर लगभग अलग हो चुका था।
जैसा कि प्रत्यक्षदर्शी दिनेश रावत ने बताया
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