ग्वालियर-जयारोग्य अस्पताल के बिजली विभाग का कर्मचारी पत्थर वाली इमारत में लगी लिफ्ट का लॉक ठीक कर रहा था। इसी बीच अचानक लिफ्ट नीचे आ गई, जिससे कर्मचारी जाली और लिफ्ट के बीच में फंसकर रह गया। लोगों ने जब कर्मचारी को फंसा देखा तो चीख पुकार मच गई। जेएएच अधीक्षक सहित पूरा अमला मौके पर पहुंच गया। करीब 45 मिनट की मशक्कत के बाद रस्सी को खींचकर लिफ्ट को ऊपर किया गया और कर्मचारी को बाहर निकाला गया। कर्मचारी के एक पैर में गंभीर चोट आई है, उसे इलाज के लिए ट्रामा सेंटर में भर्ती किया गया है।
जयारोग्य अस्पताल की पत्थर वाली इमारत में लगी लिफ्ट आए दिन बंद हो जाती है। जिसके कारण इसमें कई बार लोग फंस चुके हैं। इस बार हादसे का शिकार जेएएच का कर्मचारी ही हो गया है। रविवार को जेएएच की पत्थर वाली इमारत में लगी लिफ्ट का लॉक खराब हो गया था। बिजली कर्मचारी रामबिहारी शाक्य उम्र 50 साल शाम 7.15 बजे लॉक ठीक करने पहुंचा था। वह काम कर रहा था कि तभी लिफ्ट अचानक से नीचे आ गई, जिससे कर्मचारी लिफ्ट और जाली के बीच के खाली हिस्से में फंस गया। घटना शाम 7.45 बजे की है। लिफ्ट एवं जाली के बीच के करीब एक फुट के गेप में कर्मचारी पौन घंटे तक फंसा रहा। सिक्युरिटी गार्डों एवं कर्मचारियों ने जब रामबिहारी को फंसा देखा तो हडकंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही जयारोग्य अस्पताल अधीक्षक डॉ अशोक मिश्रा मौके पर पहुंच गए। जब लिफ्ट को ऊपर करने का रास्ता नहीं दिखा तो जालियों को काटने का निर्णय लिया गया। जाली इतनी मोटी थी कि साधारण प्लास से काटना मुश्किल था। ऐसे में ऊपर कर्मचारियों को भेजकर रस्सी खिंचवाई गई, जिससे लिफ्ट धीरे-धीरे ऊपर होना शुरू हुई। इसके बाद शाम 8.31 बजे सिक्युरिटी गार्डों एवं कर्मचारियों ने नीचे उतरकर घायल कर्मचारी को बाहर निकाला। तत्काल रामबिहारी को ईएनटी विभाग में बेड पर लाकर बीपी एवं अन्य जांचे की गई। जिसमें पता चला कि सीधे पैर में गंभीर चोट आई है। इसके चलते घायल को ट्रामा सेंटर में रेफर किया गया है।
पसीने पसीने हुआ कर्मचारीः
घायल कर्मचारी रामबिहारी लिफ्ट में पौन घंटे फंसे रहने के कारण बेहोशी की स्थिति में पहुंच गया था। उसके चेहरे से पसीना टपक रहा था और सांसे तेज हो गई थी। लोगों ने उसे उठाकर ईएनटी विभाग में बेड तक पहुंचाया। काफी फोन लगाने के बाद भी जब कोई आर्थोपैडिक विभाग के सीनियर चिकित्सक नहीं पहुंचे तो मरीज को ट्रामा में शिफ्ट कर दिया गया।
मैं ठीक हूं, बस पैर में दिक्कत हैः
ईएनटी में भर्ती होने के बाद जीआर मेडिकल कॉलेज के डीन एवं जेएएच अधीक्षक डॉ अशोक मिश्रा ने घायल कर्मचारी से बातचीत की। जिसमें उसने बताया कि वह बिल्कुल ठीक है, लेकिन सीधा पैर नहीं उठ रहा है। क्योंकि जाली और लिफ्ट के बीच पैर मुढ़ गया था और फंस गया था।
डीन पहुंचे लोहिया बाजारः
घटना की जानकारी मिलते ही जीआर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ भरत जैन अस्पताल के लिए रवाना हुए। इस दौरान जब पता चला कि जाली काटने के लिए गैस कटर नहीं मिल रहा तो वह गाड़ी लेकर लोहिया बाजार पहुंचे। रविवार होने के कारण सभी दुकानें बंद थी, ऐसे में एक मैकेनिक के घर पहुंचकर उसे गाड़ी में बैठाया। हालांकि जब पता चला कि लिफ्ट में फंसा युवक निकल गया है तो उस मैकेनिक को वापस छुड़वा दिया गया।
बंद रहेगी लिफ्टः
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इस घटना के बाद अब जेएएच अधीक्षक डॉ अशोक मिश्रा ने फिलहाल लिफ्ट को बंद रखने का निर्णय लिया है। इसकी जगह नई लिफ्ट लगाने का प्रस्ताव भी जल्द ही स्वीकृत कराया जाएगा। जीआर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ भरत जैन ने कहा कि जब तक नई लिफ्ट नहीं लगती है, पुरानी लिफ्ट को बंद रखा जाएगा।
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