ग्वालियर।जीआर मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी विभाग के एचओडी रहते हुए डॉ. भरत जैन ने फ्लोसाइकोमीटर मशीन खरीदी थी। इस 40.95 लाख की मशीन को कैंसर रोगियों के उपचार के नाम पर खरीदा गया था। खास बात ये है कि 5 साल में इस मशीन का एक बार भी उपयोग नहीं हुआ है। ऑडिट टीम के आपत्ति दर्ज कराने के बाद पैथोलॉजी विभाग के वर्तमान एचओडी का कहना है कि इसके लिए जरूरी दवाएं खरीदे जा चुके हैं, अब इसे चालू कर दिया जाएगा।
ऑडिट टीम ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि जीआर मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी विभाग को बेकटोन डिक्सन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने यह फ्लोसाइकोमीटर मशीन 25 मार्च 2013 को उपलब्ध कराई थी। 27 मार्च 2013 को इसे इस्टॉल कर दिया गया था। मशीन खरीदने के 5 साल बाद भी अब तक इसका उपयोग नहीं किया गया है। ऑडिट टीम ने विभाग से इस मशीन को लेकर जानकारियां भी मांगी हैं। खास बात ये है कि पैथोलॉजी के वर्तमान एचओडी डॉ. केएस मंगल ने भी स्वीकार किया है कि मशीन का उपयोग वर्तमान में नहीं हो रहा है। दिलचस्प बात ये है कि 5 साल से रखी इस मशीन के एक बार चूहे तार भी काट चुके हैं, जिसकी रिपेयरिंग पर भी लाखों का खर्च हुआ है।
एचओडी रहते खरीदी, डीन बनने पर भी नहीं हुई चालूः जीआर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. भरत जैन जब मशीन खरीदी गई तब पैथोलॉजी के एचओडी थे। यह मशीन तब भी वह शुरू नहीं करा सके थे और अब डीन बनने के बाद भी अब तक चालू नहीं करा सके हैं। सूत्रों की मानें तो मेडिकल कॉलेज प्रबंधन इस मशीन पर पैसा खर्च करके भूल ही चुका था, ऑडिट की आपत्ति के बाद अब मशीन से धूल हटाने का काम शुरू किया गया है।
इन बिंदुओं पर मांगी जानकारीः
-उपकरण स्थापित होने के बाद कितनी बार उपयोग किया गया?
-उपकरण के लिए रीएजेन्ट आदि खरीदने के लिए विभाग ने कब-कब मांग की।
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-लेखा शाखा/ क्रय शाखा ने कब-कब मांग के विरूद्ध आपूर्ति की गई।
-उपकरण के संचालन से संबंधित सभी अभिलेख तथा लॉग बुक, रोगी पंजी, जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
एचओडी ने दिया जवाबः
-यह मशीन अनुसंधान/ शोध कार्य के संबंध में खरीदी गई थी। जिसका लाभ शोध के साथ-साथ ब्लड कैंसर के गरीब मरीजों के ब्लड सैंपल से मशीन द्वारा ब्लड कैंसर का एडवांस वर्गीकरण कर कैंसर के उपचार में उपयोग होती है।
-उपकरण में उपयोग होने वाले रीएजेन्ट/कंजूमेबिल्स एवं शीथ फ्लूड बहुत महंगे हैं। और पूर्व में खरीदे नहीं जाने के कारण मशीन उपयोग में नहीं आ रही थी। रीएजेन्ट/ कंजूमेबिल्स एवं शीथ फ्लूड 20 सितंबर 2018 को सेन्ट्रल स्टोर से इंडेन के माध्यम से प्राप्त हुआ है। भविष्य में मशीन का उपयोग शोधार्थी/मरीजों के लिए शुरू किया जाएगा।
-वर्तमान में मशीन को रीएजेन्ट/कंजूमेबिल्स एवं शीथ फ्लूड आदि खरीदी किए जाने के बाद कंपनी के सर्विस इंजीनियर द्वारा चालू अवस्था में लाया जा चुका है। एप्लीकेशन एक्सपर्ट द्वारा प्रशिक्षण के लिए 19 एवं 20 अगस्त की तारीख तय की गई थी। 18 अगस्त की रात में कंपनी के अधिकृत एम्पलॉय द्वारा दूरभाष पर किन्ही पारिवारिक कारणों से प्रशिक्षण देने में असमर्थता जताई थी। इसलिए अब प्रशिक्षण के लिए जल्द ही दूसरी तारीख तय की जाएगी।
-विभाग में उपकरण के प्रशिक्षण के लिए प्राध्यापक, सह प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक के साथ ही एक प्रदर्शक व टैक्नीशियन की कमेटी गठित कर दी गई है।
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