ग्वालियर – ग्वालियर में इस वित्तीय वर्ष में 73 करोड़ की राजस्व वसूली करना चाहती है, लेकिन आठ महीने बीतने के बाद 35 करोड़ तक का ही राजस्व आने का आंकड़ा देखकर मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एमडी विशेष गढ़पाले ने कहा कि चाहे कुछ करो, बकायदारों से सख्ती करो और उनके कनेक्शन काट दो, लेकिन राजस्व वसूली पूरी आनी चाहिए। यह बात उन्होंने ग्वालियर में ग्वालियर शहर, भिंड, मुरैना, शिवपुरी, श्योपुर, दतिया, गुना व अशोक नगर जिले में बिजली सप्लाई, राजस्व वसूली, फॉल्ट व ट्रिपिंग की स्थितियों की समीक्षा बैठक के दौरान कही। लेकिन जब बात फॉल्ट व ट्रिपिंग की संख्या कम करने को लेकर आई तो वे बोले, लाइन स्टाफ पोल टू पोल और पैदल पेट्रोलिंग करे। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर पैदल पेट्रोलिंग से ही फॉल्ट तलाशे जाने थे तो फिर 33 करोड़ रुपए खर्च कर स्काडा का सिस्टम स्थापित क्यों किया गया था।
पूरी बैठक के दौरान न तो स्काडा पर कोई चर्चा हुई न ही मोनोपोल के सिस्टम में पैदा हो रहे फॉल्ट को लेकर कोई बात हुई। स्काडा इस दावे के साथ लाया गया कि यह फॉल्ट तलाशने में मदद करेगा और पैदल पेट्रोलिंग की जरूरत कम से कम होगी। वहीं मोनोपोल को लेकर दावे किए गए कि जब 11 केवी से लेकर 33 केवी लाइने फॉल्ट होंगी तो मोनोपाेल ही वह सिस्टम है, जिससे किसी भी परिस्थिति में बिजली सप्लाई दे सकेंगे और यह फॉल्ट भी नहीं होगा। लेकिन पिछले डेढ़ महीने में ऐसी चार घटनाएं हो चुकी हैं, जहां मोनोपोल फॉल्ट हुआ।
31 अगस्त तक स्टोर में जमा कराएं जले व खराब ट्रांसफॉर्मर: 31 अगस्त तक खराब तथा जले ट्रांसफार्मर कंपनी के स्टोर में वापस जमा करने के निर्देश एमडी ने अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा होने से समय से इनको रिपेयर करने के बाद दोबारा इस्तेमाल किया जा सकेगा। 31 अगस्त तक ट्रांसफॉर्मर वापस नहीं करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही के निर्देश भी दिए।

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