जबलपुर -मप्र के जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों द्वारा अपनेरिश्तेदार तथा परिचित जनों को विज्ञापन जारी किए आरोपलगाते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गयीहै। जनसंपर्क विभाग में हुए घोटाले की जांच स्वतंत्रएजेन्सी से कराए जाने की मांगदायर जनहित याचिका में कीगयी है। एक्टिंग चीफ जस्टिसआरएस झा व जस्टिस व्हीकेशुला की युगलपीठ के समक्षआवेदक की ओर से याचिका मेंसंशोधन करने के लिए समयप्रदान करने का आग्रह कियागया। युगलपीठ ने याचिका में संशोधन की अनुमतिप्रदान करते हुए मामले की सुनवाई अगले सप्ताहनिर्धारित की है।यह जनहित का मामला भोपाल निवासी भुवनेश्वरमिश्रा की ओर से दायर किया गया है। जिसमें आरोपलगाते हुए कहा गया है कि एसके मिश्रा जब जनसंपर्कविभाग मेंमुख्य सचिव थे तो उन्होंने अपने रिश्तेदारों वपरिचित जनों को नियम विरुद्ध तरीके से विज्ञापन जारीकर सरकार को आर्थिक क्षति पहुंचाई। उन्होंनेगलत अडरेस सेसंचालित पोर्टल, बेबसाइड व प्रिंट मीडिया को विज्ञापनजारी किये। इतना ही नहीं एक ही विज्ञापन कई बार अपनेपरिचित व रिश्तदारों को जारी किये।सिंहस्थ मेले में भी प्रचार-प्रसार के नाम पर जमकरविज्ञापन घोटाला किया गया है। याचिका में कहा गया थाकि इस संबंध में उन्होंने ईओडल्यू मेंशिकायात की थी परंतु कोई कार्यवाहीनहीं की गई। जिस कारण उक्त याचिकादायर की गई है। याचिका में प्रदेशसरकार के मुय सचिव, प्रमुखसचिव, आयुक्त, सहायक आयुक्तजनसंपर्क विभाग, एसपी ईओडल्यूतथा जनसंपर्क विभाग के सेवानिवृत प्रमुख सचिव एस के मिश्रा तथा सामान्य प्रशासन विभागके सेवानिवृत डायरेक्टर जनरल अनिल माथुर तथाजनसंपर्क विभाग के सेवानिवृत डायरेक्टर लाजपत कोअनावेदक बनाया गया है। याचिकाकर्ता की पैरवी करतेहुए अधिवक्ता प्रशांत चौरसिया ने युगलपीठ से याचिका मेंसंशोधन करने की अनुमति प्रदान करने का आग्रह कियागया। जिसे स्वीकार करते हुए युगलपीठ ने याचिका परअगली सुनवाई एक सप्ताह बाद निर्धारित की है

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